Vishnupadi Pitriteerth Gaya: Parampara, Pravritti Aur Sanskriti

गया की तीर्थ-परंपरा, धार्मिक प्रवृत्तियों और सांस्कृतिक पहचान का अध्ययन।

Tulsi Dal 3 · सांस्कृतिक अध्ययन

लेखक: डॉ. राधानंद सिंह

पुस्तक का परिचय

यह पुस्तक पितृतीर्थ गया को उसकी परंपरा और संस्कृति के साथ समझने का अवसर देती है। लेखक के गया-प्रवास और साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यों की पृष्ठभूमि इस विषय से उनके गहरे जुड़ाव को रेखांकित करती है।

गया पर केंद्रित उनके अन्य ग्रंथों के साथ पढ़ने पर यह कृति तीर्थ-संस्कृति, स्थानीय साहित्य और धर्मशास्त्रीय संदर्भों के अध्ययन का एक प्रवेश-बिंदु बनती है। पौराणिक मूल प्रसंगों के लिए पाठक तुलसीदल-5 भी देख सकते हैं।

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