Gaya Ka Sahitya: Parampara, Pravritti Aur Prayog

गया के साहित्येतिहास, लगभग 450 साहित्यकारों और साहित्यिक संस्थाओं का परिचय।

Tulsi Dal 4 · साहित्येतिहास

लेखक: डॉ. राधानंद सिंह

पुस्तक का परिचय

गया का साहित्य में साहित्य की स्थानीय परंपरा, काल-विभाजन, प्रवृत्तियों और प्रयोगों का विवेचन है। लगभग 450 साहित्यकारों का परिचय व्यक्ति, कृति और शक्ति शीर्षकों के अंतर्गत प्रस्तुत किया गया है।

ग्रंथ में गया जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन की सत्तर वर्षों की यात्रा तथा अन्य साहित्यिक संस्थाओं का विवरण भी मिलता है। गया और मगध के साहित्यिक इतिहास में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह एक संदर्भ-कृति है।

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