Shriramcharitmanas Ka Rashtrik Bhashya

श्रीरामचरितमानस के पात्रों और कथा का लोकमंगल, सुमति और राष्ट्रीय-सांस्कृतिक चेतना के संदर्भ में विवेचन।

Tulsi Dal 9 · राष्ट्रीय-सांस्कृतिक विवेचन

लेखक: डॉ. राधानंद सिंह

पुस्तक का परिचय

राष्ट्रिक भाष्य में लेखक रामकथा को लोककल्याण और सांस्कृतिक चेतना के संदर्भ में व्याख्यायित करते हैं। उपेक्षितों के सम्मान, कर्तव्य और समाज के प्रति उत्तरदायित्व को इस अध्ययन में स्थान दिया गया है।

लेखक सुमति को राष्ट्रीय-सांस्कृतिक चेतना का आधार मानते हैं और मानस के पात्रों को प्रतीकात्मक संज्ञाओं के माध्यम से पढ़ते हैं। इस कृति को उनके भक्त्यात्मक विष्णुपदी भाष्य के साथ पढ़ने से दोनों दृष्टियों का अंतर स्पष्ट होता है।

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